खोटे सिक्के: नकली सिक्कों की तर्ज पर मिलावटी मिठाई,असली डिब्बे में बिक रही!
-------------------------------------- -जौनपुर में शायद हर नकली समान असली पैकिंग में बेचना आसान है, जिस तरह यहाँ आगरा और वाराणसी से लाकर नकली दवा और मुंबई, चेन्नई, कोलकाता से 'सोने- चांदी के खोटे सिक्के' लाकर बेचे जा रहे हैं उसी तर्ज पर कानपुर, बनारस और लखनऊ से मिलावटी मिठाई लाकर असली डिब्बे में बेची जा रही है l
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-कैलाश सिंह-
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लखनऊ/जौनपुर, (तहलका विशेष)l किसी भी त्योहार पर पब्लिक की डिमांड के मद्देनज़र असली धंधा करने वाले भी फर्जी तरीके अपनाकर नकली कारोबार का हिस्सा ही नहीं, बल्कि उसके मुखिया बन जाते हैंl दिवाली करीब देखकर इन दिनों पटाखों की तर्ज पर मिलावटी मिठाई का 'अंतर जनपदीय' कारोबार चरम पर है l इसका अड्डा है खोआ मण्डी l यहीं कुछ लोकल ब्रांडेड दुकानों के हजारों डिब्बे में हर रोज़ दर्जनों श्रमिक मिठाई सजाने में लगे हैं l
पहले खोटे सिक्के के बारे में समझने के लिए उन लोगों को अपने पुराने सिक्के बेच देना चाहिए जिनके पास हर दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के चित्र वाले सोने -चांदी के सिक्कों का कलेक्सन है l ऐसा करने से उन्हें दो फायदे होंगे , एक तो सोना 80 और चांदी 97 हजार के पार है, जबकि पिछले साल दोनों चमकीली धातु औसतन 20 फीसदी सस्ते में थीं, जाहिर है पिछली दीपावली को जहाँ से खरीद की थी वहीं पर बेचकर नए सिक्के खरीद लीजिए, दूसरे यहीं पर इसके असली- नकली का फर्क और बढ़े दाम के चलते फ़ायदे भी मिल जाएंगे l यदि ऐसा नहीं किया तो आप नकली सिक्कों की रोशनी में 'दीपक का फ़तिन्गा' सरीखा साबित होंगेl पुराना बेचकर नया खरीद लिया तो जहां आपकी धार्मिक भावना को बल मिलेगा वहीं सम्बन्धित दुकानदार पर भरोसा बढ़ेगा या दम तोड़ देगा l
नकली मिठाई: इस बार दिवाली से पहले इस कारोबार ने 'तन और धन' का नाश करने का इंतजाम कर दिया है l शहर के सिविल लाइन इलाके में एक कथित ब्रांडेड दुकान है जिसकी कई ब्रांच भी हैं, उसके यहाँ की मिठाई अफसरों और कर्मचारियों की पहली पसन्द हैl इन दिनों स्वास्थ्य विभाग और स्कूल कॉलेज संचालकों की बढ़ी डिमांड को पूरा करने के लिए उसने लखनऊ, बनारस और कानपुर से रेडिमेड वह मिठाई मंगाकर अपने डिब्बे में पैकिंग कराके बेचनी शुरू कर दिया है जिसमें गुणवत्ता के नाम पर सबकुछ नकली है, जैसे 'पाउडर का खोआ', 'चीनी की जगह केमिकल और बेसन के नाम पर नकली बुनिया' मिली होती है l
इसके यहाँ खाद्य पदार्थों में अप मिश्रण पकड़ने वालों को नहीं आना पड़ता है, क्योंकि उनके पास असली मिठाई के डिब्बे ( कई) और नोटों से भरे लिफाफे पहले ही पहुँच जाते हैंl भरोसा न हो तो किसी मध्यम या छोटी दुकानों का लड्डू टेस्ट करके देखिए, आपको अपनी बिगडती सेहत का 'राज' भी पता चल जाएगा और 'मन में लड्डू फूटना भी बंद हो जाएगा'l
मध्यम व छोटे दुकानदार चने की दाल लेकर बेसन बनवाते हैं, क्योंकि उन्हें पैक बेसन पर भरोसा नहीं रहा l इन्हें बुनिया प्रति किलो 190 रुपये में पड़ती है जबकि नकली बुनिया 120 रुपये किलो में खूब बिक रही l लेकिन खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली टीम इन्हीं छोटे दुकानों पर जांच करते हैं l नाम न छापने की शर्त पर कई दुकानों के संचालकों ने बताया कि हमारा हर महीने दो हजार बंधा है और होली- दिवाली को वही रकम पांच हजार हो जाती है l उन्हीं में से कुछ लोगों ने बताया कि खोआ मंडी में एक हफ़्ते से 'मीडियम हाथी' कहे जाने वाले वाहन से रात के समय कानपुर, लखनऊ, बनारस से नकली मिठाई आ रही है l ऐसा कारोबार प्रदेश के हर शहर में धड़ल्ले से चल रहा है l आमजन से आग्रह इस बात का है कि 'अपनी सेहत बचाने और ठगी से बचने' के लिए खोटे सिक्के व नकली मिठाई को परखकर लीजिए,,,,,, क्रमशः







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