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 सख़्त कोतवाल के तबादले से गोल्ड माफिया की पौ बारह! नए कोतवाल की अग्नि परीक्षा है यह मुकदमा

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-कीर्ति कुंज ज्वेलर के खिलाफ मुकदमा बीते 31 मई को दर्ज हुआ, यानी तीन महीने होने को हैं, फ़िर भी चार्जशीट कोर्ट में नहीं पहुंची, विवेचक की हीलाहवाली या कुछ और, लेकिन गोल्ड माफिया के प्रभाव में मामला 'यू टर्न' लेता नज़र आ रहाl

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कैलाश सिंह

विशेष संवाददाता

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जौनपुर/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l फ्रॉड और ठगी का धंधा इश्क और मुश्क की तरह जैसे आरोपियों के अलावा बाकी आमजन की नज़रों में बेपर्दा होता है, उसी तरह 'बे- ईमान' नौकरशाही की जानकारी पब्लिक को बाद में होती है लेकिन लुच्चे लफ़ंगों और हर तरह के अपराधियों को पहले हो जाती है, ये सूचना भी उनके मातहत ही देते हैं, क्योंकि वसूली भी उन्हें ही करनी होती है, वह अपने साहब की मंशा हवा के रुख से भांप लेते हैंl कुछ इसी तरह की बयार जौनपुर शहर में दो दिन से चल रही हैl 

दरअसल हम बात कर रहे हैं अन्तर राज्जीय कथित गोल्ड माफिया की, जिसका गोल्ड का कारोबार 'फेरी से शुरू हुआ और आज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी है' लेकिन उसका मुख्यालय जौनपुर में है, जहां वह पहला शो रूम खोला उसी भवन मालिक अग्रवाल बन्धु के बाकी भवन की छत पर कब्जा जमा लिया जिसे कोई भी खुली आँखों से देख सकता हैl जौनपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसकी वाहन एजेंसी भी है जिसके वर्कशॉप में बड़ा गोलमाल होता हैl जिन दुर्दांत अपराधियों के बल पर वह अपने धंधे और कब्जेदारी को परवान चढ़ाता था उन्हें तो मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने नरक लोक में पहुंचा दिया लेकिन उनके गुर्गे आज भी इस कथित गोल्ड माफिया से हफ़्ता वसूलते हैंl 

कहावत है कि सेंध में पकड़े जाने के बाद ही किसी व्यक्ति को चोर कहा जाता है, उसी तर्ज पर कथित गोल्ड माफिया बीती 31 मई को पुलिस की गिरफ्त में फंस गयाl हालांकि सख़्त व धार्मिक कोतवाल मिथिलेश मिश्र पर बड़े नौकरशाहों के दबाव और मोटी रकम तक की पेशकश  की चर्चा ए आम हुई थी, लेकिन पीड़ित हिमांशु मिश्र सोने के चार लाख 64 हजार कीमत हार में ठगी के शिकार हुए थेl फरवरी महीने में खरीदे थे कीर्ति कुंज ज्वैलर के यहां से सोने में खोट की जानकारी भी उन्होंने ही दी लेकिन वहां से दुत्कार के साथ मिली धमकी के बाद मय प्रमाण के वह तत्कालीन कोतवाल के पास पहुंचे थेl उन्हें यहां न्याय मिला, कीर्तिकुंज ज्वेलर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की तीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो गईl लेकिन इस मामले में 90 दिन होने को हैं और विवेचना अभी तक पूरी नहीं हुई तो चार्जशीट कोर्ट में निर्धारित समय में कैसे समिट होगी? 

इस मामले में दिलचस्प पहलू ये है कि दो दिन पूर्व तक कोतवाल रहे मिथिलेश मिश्र का तबादला 112 नम्बर मोबाइल टीम लीडर के रूप में हो गया, उनके स्थान पर विश्वनाथ प्रताप सिंह को शहर कोतवाल बनाया गया हैl श्री मिश्र का तबादला शासन के नियमानुसार सर्विस के 58 साल पूरे होने पर किया गया हैl थानों और कोतवाली में तैनाती के दौरान इन्होंने करीब आधा दर्जन मन्दिर कैंपस में ही बनवाए हैंl आजमगढ़ के सरायमीर में जहां हमेशा सांप्रदायिक सौहार्द हल्की हवा में पीपल के पत्तों सरीखे हिलता है, वहां इन्होंने सनातन का झंडा लगाया यानी मन्दिर का निर्माण करायाl इनके बारे में इतना विस्तार से इसलिए बताना पड़ा क्योंकि नये कोतवाल के चार्ज लेते ही आरोपी कीर्तिकुंज का मालिक और उसके मातहत खासे गदगद हैंl सर्राफा मण्डी में उत्सव का माहौल है, उन्हीं में चर्चा आम हो रही है कि अब तो मुकदमे का विवेचक ही गाड़ी पार कर देगाl यदि दर्ज मुकदमे में पीड़ित हिमांशु मिश्र को न्याय नहीं मिला तो वर्तमान कोतवाल पब्लिक की नज़र में इस मुकदमा रूपी अग्नि परीक्षा में फेल हो जाएंगेl 

विदित हो कि हिमांशु मिश्र के साथ जिस सोने के 'हार' में निकले खोट से ठगी हुई है उसका 'एच यू आई डी' नम्बर 'बाली' का मिला था और वह निर्माण करने वाला शो रूम हरियाणा का बताया गया थाl जौनपुर से जांच के लिए पुलिस टीम भी छानबीन करने पहुंची थी और विवेचना अभी तक जारी है, शायद इस विलम्ब के कारणों पर एसपी की नजर नहीं पड़ी हैl,,,,,,,,,,,,,,क्रमशः

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एक नमूना यह भी: युवती से हुई 40 हजार की ठगी में एक साल में विवेचना नहीं हुई पूरीl

जौनपुर l जिले की शाहगंज तहसील के एक गांव की नव विवाहिता युवती से हुई आनलाइन ठगी में आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर सीओ और महिला आयोग के दबाव के बाद तीन जुलाई 2024 को दर्ज हुई लेकिन आरोपी ने अपने विभिन्न रसूख के बल पर खेतासराय के तत्कालीन थानेदार को प्रभावित कर लियाl बाद में पांच माह बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के आने पर पीड़ित युवती का मामला उठा तो उसी थानेदार ने वचन दिया कि उसे शीघ्र गिरफ्तार कर वसूली कर ली जाएगी, अब 13 महीना बीतने को है लेकिन उस मामले पर धूल जम गई है, अलबत्ता थानेदार को शाहगंज कोतवाली का चार्ज मिल गया, इस मामले की विवेचना भी वहीं कथित तौर पर चल रही हैl

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