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 गोल्ड माफिया का कारनामा: स्वर्ण पाउडर से की शुरुआत आज है कैरेट का खिलाड़ी! 


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-मुकदमे को 12 दिन हो गए, अभी जारी है विवेचना, पूर्व में जेवर खरीदने वाले उपभोक्ता भी सकते में, गिरफ्तारी से बचने को फरार आरोपी प्रदेश की टॉप नौकरशाही को नोटों की गड्डी से तौलने में लगा l

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कैलाश सिंह-

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जौनपुर/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l जिस तरह 'इश्क और मुश्क' छिपाए नहीं छिपता, उसी तरह 'ठगी और फ्रॉड' का धंधा बहुत दिनों तक पर्दे में नहीं रह पाता हैl एक दिन तमाम लोगों की हाय किसी व्यक्ति के जरिए आफत बनकर टूट पड़ती हैl किसी भी व्यवसाय में ग्राहकों का भरोसा करोड़ों के प्रचार पर भारी पड़ता है, अब तो सोशल मीडिया के क्रांति का दौर है, इसने तो हर 'राज' को बे- पर्दा कर दिया हैl यही हुआ है जौनपुर शहर के कीर्तिकुंज ज्वेलर्स के साथl 

दरअसल इस दिलचस्प घटना की शुरुआत बीते फरवरी माह में तब हुई जब जिले के कुल्हनामऊ कलीचाबाद निवासी हिमांशु मिश्र पुत्र नरेंद्र मिश्र ने कीर्तिकुंज ज्वेलर्स के यहां से चार लाख 64 हजार से अधिक मूल्य का हार घर में बच्चों की शादी के लिए खरीदा, जेवर घर में पहुंचा तो शिक्षित युवतियों ने एचयूआईडी नम्बर खोजा ताकि हार की गुणवत्ता आनलाइन चेक की जाए जो उसपर अंकित ही नहीं थाl इसके बाद श्री मिश्र ने कहीं टंच कराया तो उन्हें सोने के कैरेट में झोल बताया गया, वह रसीद के साथ जेवर वापस करने गए तो सेल्समैन ने जांच के बहाने भीतर ले जाकर एच्युआईडी नम्बर का ठप्पा लगा दिया लेकिन घर पहुँचते ही वह बाली का निकलाl इस तरह तमाम जगहों पर जांच पड़ताल में चार महीने गुजर गएl 

हिमांशु मिश्र विगत 31 मई को उसी ज्वेलर्स के पास हार वापस कर पैसे लेने पहुंचे तो गोल्ड माफिया बने उसके मालिक और सेल्समैन के इशारे पर तैनात बाउंसरों ने उन्हें धक्के मारकर धमकी देते हुए भगा दियाl वह लाचार होकर थाना कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर उस दिन ही दोपहर 1,33 बजे रिपोर्ट दर्ज हो गईl एफआईआर की कॉपी खबर के साथ संलग्न हैl

अब गोल्ड माफिया की चार दशक पूर्व की कहानी जानिए- इसने मडीयाहूँ- वाराणसी के बार्डर पर अपने गाँव कटौना के अनुसार पहले चांदी काटनी शुरू कीl वह औसतन सौ जोड़ी पायल बनवाकर उसे गावों में फेरी लगाकर बेचना शुरू कियाl सफाई के नाम पर पायल की चांदी झाड़ने लगा, फायदा बढ़ा तो इसने हर जोड़ी के एक पायल को गिलट में ढालना शुरू किया, शिकायत मिलने पर उसे चमकाता और जोड़ी वाले दूसरे  पायल की चांदी झाड़ता रहाl इसी दौरान पड़ोस के गाँव कसेरू निवासी मुन्ना बजरंगी को हफ़्ता देकर मुख्तार अंसारी गिरोह का संरक्षण हासिल कर लिया, अब उनके गुर्गे वसूलते हैंl जिला मुख्यालय पर अपनी दुकान डाली तो एक पत्रकार के वाहन से चांदी तस्करी में उतर गयाl उसका धंधा दिन दूना, रात चौगुना बढ़ने लगाl इसके बाद हाल के वर्षों में दो कम्पनियों की वाहन एजेंसी कई जिलों में ले लीl मुंबई में होलसेल जेवर की दुकान भी खोलकर चांदी -सोने के देवी, देवताओं वाले सिक्के ढालकर पूर्वांचल के ग्राहकों को दीपावली के समय चूना लगाने लगाl

अब कैरेट का खेल समझिए- सोना बीते 22 अप्रैल 2025 को एक लाख दो हजार दो सौ रुपये की ऊंचाई नापकर दूसरे दिन 99 हजार 296 रुपये पर गिरकर अटकाl यह मूल्य 24 कैरेट का दिया गया हैl कोई भी व्यक्ति जेवर बनवाता है तो 22 अथवा 18 कैरेट का ताकि जेवर मजबूत भी रहेl आमजन को ठगी से बचने के लिए ही यूनिक आईडेंटिफिकेशन नम्बर (एचयुआईडी) की व्यवस्था सरकार ने की हैl इसके तहत हर जेवर चाहे वह भले ही एक तरह के हों लेकिन सबके नम्बर अलग होंगेl इसके जरिए ग्राहक उसकी गुणवत्ता अपने सेल फोन पर ही देख सकता हैl बानगी के तौर पर एक साथ सौ अंगूठी बनेगी तो सभी पर अलग नम्बर होंगेl गोल्ड माफिया यहीं खेल करता हैl वह शो केस में एच यू आई डी नम्बर का जेवर दिखाने को रखता है, लेकिन बेचने वाले जेवर 12 या 14 कैरेट के होंगे और उनपर दिखाने वाले जेवर का एचयुआईडी और हालमार्क अपने पास रखी मशीन से छापकर ग्राहकों को थमा देता हैl  सोने- चांदी की तस्करी और मिलावट का अड्डा है गोमती किनारे हनुमान घाट, इसपर अगली कड़ी में विस्तार से रिपोर्टl,,,,,, क्रमशः

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