पूर्व प्रधानाचार्य वसी हैदर का निधन, शिक्षा व समाज में योगदान को याद किया जाएगा। जौनपुर। गहरे दुःख और अफ़सोस के साथ यह सूचित किया जाता है कि ग्राम लपरी ब्लॉक शाहगंज जौनपुर की अज़ीज़ व मक़बूल शख़्सियत मरहूम वसी हैदर इब्ने गुलाम हुसैन साहब का आज शहर के एक निजी अस्पताल में इंतिक़ाल हो गया। मरहूम की मिट्टी उनके आबाई कब्रिस्तान ग्राम लपरी में दी जाएगी, जिसका वक़्त बाद में घोषित किया जाएगा।
मरहूम वसी हैदर साहब एक बेहतरीन शिक्षक, काबिल प्रशासक और नेकदिल इंसान के तौर पर जाने जाते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और समाज की सेवा को समर्पित किया। लंबे समय तक राजकीय इंटर कॉलेज, सीधी (मध्य प्रदेश) में अध्यापन और प्रबंधन सेवाएँ देने के बाद वे सन 2000 में प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी मेहनत, ईमानदारी और रहनुमाई से असंख्य छात्रों ने शिक्षा प्राप्त कर जीवन में सफलता हासिल की।
सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने समाज और शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। वे रज़ा डी.एम. (शिया) इंटर कॉलेज, जौनपुर के ट्रस्ट में बतौर सदस्य और सन 2007 से 2012 तक उप-प्रबंधक के तौर पर जुड़े रहे तथा संस्थान की तरक़्क़ी और बेहतरी में अहम योगदान दिया।
मरहूम, ग्राम लपरी के प्रतिष्ठित पूर्व प्रधान (1968 तक) मरहूम गुलाम हुसैन साहब के सुपुत्र थे। अपनी मिलनसार तबियत, इल्म और नेकनामी की वजह से वे पूरे क्षेत्र में क़ाबिले-ए-एतिमाद और मक़बूल शख़्सियत माने जाते थे।
आप अपने पीछे दो सुपुत्र छोड़ गए हैं — बड़े पुत्र डॉ. अहमद अली ख़ान (इंजीनियर), जो मध्य प्रदेश में सेवा दे रहे हैं और छोटे पुत्र डॉ. अहमद हसन ख़ान (इंजीनियर), जो जयपुर में कार्यरत हैं।
मरहूम के इंतिक़ाल से परिवार सहित पूरे शहर और आसपास के इलाक़े में गहरा शोक व्याप्त है। अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी रूह को जन्नतुल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता करे और अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील से नवाज़े। आमीन।
यह जानकारी उनके भांजे अहमद अब्बास ख़ान (प्रवक्ता),मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज, जौनपुर) ने दी।







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