लाल किला से मोदी का ऐलान: भारत न झुकेगा, न टूटेगा और न रुकेगा, खींचेगा बड़ी लकीर
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-ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत की सामरिक शक्ति का एहसास कराया, देश के उपभोक्ता बाज़ार पर अमेरिका की नज़र का नतीजा है टैरिफ वॉर, इसका जवाब है स्वदेशी पर भरोसा, यदि भारत, रूस और चीन व्यापारिक तौर पर मिल गए तो झुकेगा अमेरिका और दुनिया: स्वामी चिन्मयानंद
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कैलाश सिंह-
राजनीतिक संपादक
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दिल्ली/लखनऊ, (तहलका संवाद न्यूज नेटवर्क)l दिल्ली के लाल किला की प्राचीर से अपने तीसरे कार्यकाल में शुक्रवार को 12 वीं बार तिरंगा फहराने के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां देश वासियों को आत्म निर्भर और आत्मबल की मजबूती का एहसास कराया, वहीं दुनिया में सामरिक व व्यापारिक नजरिये से भारत विरोधी देशों को साफ़ संदेश दिया कि हम न झुकेंगे, न टूटेंगे और न रुकेंगेl यह कोई नारा नहीं है, बल्कि भारतीय नेतृत्व का संकल्प हैl
भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए नरसंहार के कुछ ही हफ़्तों में आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के जरिये जहां सबक सिखाया वहीं स्वदेशी हथियारों के प्रयोग से अपनी सामरिक शक्ति का भी एहसास कराया हैl इससे पूर्व सिंधु जल समझौते को स्थगित करके पाकिस्तान को 'सूखे में बिलबिलाने और जल सैलाब' में डूबने को विवश कर दिया हैl रहा सवाल पाकिस्तान और बांग्लादेश का तो दोनों अमेरिका की गोद में बैठकर 'बंदर घुडकी' दे रहे हैंl मोदी ने स्वाधीनता दिवस पर अपने संबोधन में देश के दुश्मनों को माकूल जवाब और देश वासियों का आत्मबल मजबूत किया हैl
भारत को लेकर दुनिया में मची आर्थिक और सामरिक उथल-पुथल के मद्देनज़र 'तहलका संवाद न्यूज नेटवर्क' से हुई बातचीत में देश के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मन्त्री स्वामी चिन्मयानंद ने बेबाक टिप्पणी की हैl उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को राह से भटका हुआ बताया, कहा कि जिस दिन भारत 'चटगांव'को अपने कब्जे में ले लेगा उस दिन वहां के अस्थाई नेतृत्व के होश ठिकाने पर आ जाएंगेl वहां के सेंट मार्टिन द्वीप पर ही अमेरिका और चीन की नज़र हैl
बांग्लादेश के रहन- सहन और संस्कृति व सभ्यता पर गहन अध्ययन कर चुके स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्ता पलट से लेकर वर्तमान में जो कुछ चल रहा है उसके पीछे 'अमेरिकी शह' हैl पाकिस्तान की सरकार उसी के इशारे पर चलती हैl वहां का सेनापति आसिम मुनीर तो जोकर है और पीएम शाहबाज शरीफ बग़ैर नाखून वाला बाघ l पहलगाम की घटना के बाद ही भारतीय नेतृत्व ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करके युद्ध का शंखनाद कर दिया था, संकेत भी दिया कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेगाl अमेरिका के पास हथियारों का सबसे बड़ा कारोबार है, वह हमेशा दूसरे देशों को भिड़ाकर अपने हथियारों का सौदागर बनता हैl इसके प्रमाण रूस और युक्रेन, ईजराइल और फिलिस्तीन युद्ध से देखा जा सकता हैl पाकिस्तान में भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' ने जो सामरिक शक्ति दिखाई है उससे भारत के हथियारों का प्रदर्शन युद्ध में परीक्षण सरीखा होने से अमेरिका, चीन, तुर्किये आदि के कारोबार जमीन पर आ गएl
अमेरिकी टैरिफ के सवाल पर स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि भारत उनके टैरिफ वाले माल खरीदेगा ही नहीं तो क्या फर्क पड़ेगा? अपना सामान स्वदेशी की तर्ज पर उपभोग करेगा l दुनिया की नज़र भारतीय उपभोक्ता बाज़ार पर गड़ी है, हमारा नेतृत्व विदेशी व्यापारिक मामले में भी राइट ट्रैक पर चल रहा हैl इसमें स्वदेशी का नारा बल प्रदान करेगाl भारत वैसे भी आर्थिक महाशक्ति बनने की तरफ अग्रसर है, वह लम्बी अवधि वाले युद्ध में क्यों फंसेगा? लादेन को खोजने और मारने में खुद अमेरिका ने कितना समय गंवाया जबकि भारतीय सेना ने कुछ हफ़्तों में बनाई अपनी योजना से चंद मिनट में आतंकी पनाहगार देश पाकिस्तान को सबक सिखा दियाl
स्वामी चिन्मयानंद का मानना है कि यदि 'भारत- रूस- चीन' व्यापारिक तौर पर एक हो गए तो दुनिया के तमाम देश ही नहीं, अमेरिका भी घुटनों पर आ जाएगाl इस समय भारत आर्थिक और सामरिक तौर पर मजबूती में तेज़ रफ्तार की ग्रोथ वाले देशों में शुमार हैl रूस तो भरोसे का साथी है लेकिन चीन से सावधानी भी जरूरी है l रहा सवाल देश के विपक्षी दलों का तो इंडी गठबंधन का कोई बड़ा सहयोगी कांग्रेस के साथ नहीं हैl राहुल गाँधी सदन में नेता प्रतिपक्ष हैं लेकिन वह विदेशी इशारे पर देश विरोधी कार्यों में लीन हैंl







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