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संस्कृति,विरासत एवं तहजीब का प्रतीक है जौनपुर-प्रभात सिंह

📜 “1947 के बाद बदलता जौनपुर” विषयक संगोष्ठी एवं ताइक्वांडो प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

— मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज में बौद्धिक विमर्श और शारीरिक सशक्तिकरण का समावेश

जौनपुर:
आज मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज, जौनपुर के सौदागर हाल में “1947 के बाद बदलता जौनपुर” विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन जौनपुर के ऐतिहासिक विकास, सामाजिक परिवर्तन तथा प्रशासनिक भूमिका पर केंद्रित रहा, जिसमें विद्वतजनों एवं प्रशासनिक अनुभवी वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि के रूप में पधारे साहित्यकार एवं संपादक  प्रभात सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद जौनपुर ने न केवल अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखा, बल्कि शिक्षा, पत्रकारिता और जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति भी की। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इतिहास को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर समाज को दिशा दें।

विशिष्ट अतिथि विनय सिंह (सेवानिवृत्त मजिस्ट्रेट) ने कहा कि आज का जौनपुर प्रशासनिक दृष्टि से अधिक सक्षम, उत्तरदायी और पारदर्शी हो चुका है, किन्तु जन-भागीदारी ही स्थायी विकास की कुंजी है।
वहीं, संजय सिंह (सेवानिवृत्त न्यायिक मजिस्ट्रेट, बिहार) ने कानूनी समझ और नागरिक कर्तव्यों की ओर युवाओं का ध्यान आकृष्ट करते हुए संविधान की आत्मा को आत्मसात करने का आह्वान किया।

अध्यक्षता कर रहे शायर अहमद निसार ने जौनपुर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक सहिष्णुता और गंगा-जमुनी तहज़ीब पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे सामाजिक समरसता, सत्यनिष्ठा और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण करें।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अब्दुल कादिर खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि –

> “इस प्रकार की संगोष्ठियाँ युवाओं को केवल जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें संवाद, विमर्श और विवेकशीलता की दिशा में अग्रसर करती हैं। मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को भी विद्यार्थियों में विकसित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।”



कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए मास्टर आर्ट ताइक्वांडो प्रशिक्षण का भी आयोजन किया गया, जिसमें आत्मरक्षा, अनुशासन, संयम और आत्मविश्वास पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ताइक्वांडो शिविर ने शारीरिक सशक्तिकरण के साथ मानसिक दृढ़ता का भी संदेश दिया।

कार्यक्रम का संचालन अहमद अब्बास खान ने किया

कार्यक्रम में कैलाश सिंह,अभिषेक मिश्रा, जितेंद्र दुबे,रुद्र प्रताप सिंह,अब्दुल हक अंसारी,हसनैन कमर दीपू, ताइक्वांडो कोच संजीव साहू,प्रधानाचार्य मोहम्मद नासिर खान,डॉ जीवन यादव,आर.पी सिंह,डॉ नीलेश सिंह,डॉ विवेक विक्रम सिंह,डॉ अमित जायसवाल,डॉ अरविंद यादव,प्रवीण यादव,संतोष सिंह,तकरीम फातिमा महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण,छात्र-छात्राएँ, शोधार्थी,और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। संगोष्ठी का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया। 

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