गोल्ड माफिया का कारनामा: यह छोटे व्यापारियों के लिए भी बना डायनासोर!
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-इसके पास हॉलमार्क की मशीन है! आयकर छापे के बाद बढ़ानी पड़ी थी मुख्तार अंसारी गिरोह के गुर्गों को हफ़्ते की रकम, इस बार ग्राहक से ठगी में सख्त कोतवाल नहीं हुए मैनेज और हो गई एफआईआर,अब जांच अफ़सर के जरिए शिकायतकर्ता से समझौते की कोशिश में लगाl
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कैलाश सिंह-
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जौनपुर/वाराणसी, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l चार दशक पूर्व वाराणसी से आकर जौनपुर में बसा गोल्ड माफिया कटौना वाले के नाम से मशहूर हुआ थाl तब पुलिस और कथित पत्रकारों को साटकर चांदी तस्करी में लिप्त होने की 'चर्चा ए आम' हुई थीl बाद में मुख्तार अंसारी गिरोह को 'हफ़्ता' देकर संरक्षण प्राप्त किया और ग्राहकों को बेधड़क लूटने लगाl अब इसका कारोबार वाहन सेक्टर में आने से पूर्वांचल में फैलता जा रहा हैl मुख्तार और मुन्ना बजरंगी के मरते ही जौनपुर के उनके गुर्गे कमान संभाल लिए हैंl इस बार इसके खिलाफ 'धोख़ाधड़ी और धमकी' वाली एफआईआर इसलिए हो गई क्योंकि सख़्त पुलिसिंग और बेईमानी से परहेज करने वाले शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार मिश्र हैं l
दरअसल कटौना वाले से गोल्ड माफिया बने इस धोखेबाज की गाड़ी वहां फंस गई जहां कीचड़ नहीं थाl कुल्हनामऊ कालीचाबद निवासी हिमांशु मिश्र ने चार माह पूर्व घर में बच्चों की शादी के लिए हार बनवाया, जिसकी कीमत चार लाख 64 हज़ार से अधिक अदा कर दी लेकिन शक होने पर जांच कराई तो 'हार पर एच यू आई डी नम्बर बाली' का निकला, ऐसा तब हुआ जब उसी दुकान पर वह ले गए, जहां आनन फ़ानन में हार को भीतर ले जाकर अपनी प्रतिबंधित मशीन से हॉलमार्क और एच यू आई डी नम्बर छाप दिया गयाl हिमांशु मिश्र ने फ़िर जांच कराई तब वह बाली बनकर यानी गले से हटकर कान पर पहुँच गया l
एफआईआर के मुताबिक ठगी करने वाली ज्वेलरी फर्म का नाम है कीर्तिकुंज, जौनपुर शहर के चाहरसू चौराहे के जिस भवन में इसका संचालक रहता था उसी का कुछ हिस्सा अग्रवाल परिवार से खरीद लिया लेकिन बाकी बचे हिस्से की छत कब्जा करके उसे कीर्तिकुंज नाम से किला रूपी शो रूम बना दियाl एक दशक पूर्व पीड़ित अग्रवाल परिवार को मुख्तार व मुन्ना बजरंगी और उनके गुर्गों की धमकी आने लगीl तत्कालीन कोतवाली पुलिस भी उन्हीं का राग अलापने लगी, इसके बाद से अग्रवाल चुप्पी साध लिए और उनकी छत पर आज भी कीर्तिकुंज का कब्जा बरकरार हैl
हिमांशु मिश्र से हुई धोख़ाधडी और धमकी मामले में जांच शुरू हो गई हैl पुलिस ने तो अपना काम कर दिया,अब जांच अफ़सर पर सबकी निगाह लगी हैl जीएसटी और सोने की चमक को कैरेट से फ़ीकी करने वाले इस गोल्ड माफिया के यहां वर्ष 2021 दिसम्बर के आखिरी दिन और 2022 के जनवरी में इसके यहां हफ़्ते भर आयकर टीम ने छपामार अभियान चलाया था, इसकी तफ़्सील से रिपोर्ट अगले एपिशोड में मिलेगीl साथ ही इस साल के पिछले महीने इसने अक्षय तृतीया के मद्देनजर तीन दिन जीएसटी फ्री का अखबारों में विज्ञापन भी दिया था, उस खेल का भी खुलासा होगाl,,,,,,,,,,,, क्रमशः







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