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 ढाका पर आर्मी का कब्जा, मो. युनुस भागेंगे यूरोप या होंगे गिरफ्तार! 


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-बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का पांच अगस्त 2024 को तख्ता पलट कराकर वहां की अंतरिम सरकार  का मुख्य सलाहकार बने मो. युनुस अब अपने ही जाल में फंस गए: स्वामी चिन्मयानंद सरस्वतीl

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कोलकाता/दिल्ली, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l भारत में देसी कहावत है कि जो दूसरों के लिए गढ्ढा खोदता है, उसमें  एक न एक दिन गिरता भी वही हैl हालांकि मो. युनुस को उसी खड्ड की तरफ बढ़ने में दस महीने लग गएl इस बीच इन्होंने बांग्लादेश की तीव्रता से बढ़ती अर्थ  व्यवस्था को छिन्न -भिन्न कर दियाl इतना ही नहीं, इस बीच इन्होंने शेख हसीना की राष्ट्रवादी सोच को मारने के लिए उस 'सेंट लुइस मार्टिन द्वीप' पर गिद्ध नज़र रखे दो देशों अमेरिका और चीन को न्योता भी दे दियाl अमेरिका को बांग्लादेश के रखाइन प्रांत को परोक्ष रूप से रोहिंग्या कारीडोर बनाने को सौंप दिया, तभी तो वहां अमेरिकी सेना हाल के दिनों से चहलकदमी कर रही हैl यहां रोहिंग्या और बौद्ध पब्लिक आपस में भिड़ी है और जमाते इस्लामी संगठन अपना ट्रेनिंग सेंटर चलाने लगा है जिसे शेख हसीना ने प्रतिबंधित कर रखा थाl 

राजनीतिक विश्लेषकों एस पांडे एवं अनिल कुमार उपाध्याय के मुताबिक अमेरिका समर्थित डीप स्टेट के इशारे पर ही शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ थाl यह तो संयोग था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में देश की आर्मी का चीफ अपने विश्वासपात्र वकार उज्जमा को बनाया था जिन्होंने तख्ता पलट के दौरान उनकी जान ही नहीं बचाई, बल्कि उन्हें सुरक्षित भारत में पहुंचा दियाl यहां उनके राजनीतिक दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरक्षित और सम्मानजनक ठौर प्रदान कर दियेl अब आज उसी आर्मी चीफ़ ने बांग्लादेश को बचाने के लिए अघोषित तौर पर राष्ट्रीय राजधानी ढाका को अपने कब्जे में ले लिया हैl 

दरअसल सेंट लुइस मार्टिन द्वीप पर अमेरिका, चीन की बाज़ नज़र पहले से थी लेकिन शेख हसीना ने भारतीय पीएम मोदी के नक्शेकदम पर चलते हुए अमेरिका को साफ़ इनकार कर दिया था, तब डीप स्टेट सक्रिय हुआ और पाकिस्तान के उपद्रवियों ने बांग्लादेश के कथित छात्र बनकर बीते साल पांच अगस्त को शेख हसीना का तख्ता पलट दिया और जो नग्न तांडव किया उससे अभी तक वहां का बचा हुआ अल्प संख्यक और हिंदू कराह रहा हैl बंगाली व हिंदू आदि महिलाओं का बलात्कार आयेदिन चिंगारी सरीखे दहक रहा हैl रहा सवाल वहां के रखाइन प्रांत पर अमेरिकी कब्जे की तो वहां नेचुरल गैस के अकूत भंडार  होने की सूचना ने अमेरिका की लालच को बढ़ावा दिया हैl जमाते इस्लामी जैसे संगठन के कथित आतंकी सेंटर ट्रेनिंग तो मोहरा हैं l सेंट लुइस मार्टिन द्वीप को चीन और अमेरिका इसलिए लेना चाहते हैं ताकि उसके जरिये वह भारत समेत तमाम एशियाई देशों पर नज़र रख सकें और अपनी खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर सकेंl 

इस मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का अनुभव किसी अन्य राजनीतिज्ञ से बेहतरीन इसलिए होगा क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान उन्होंने एक माह तक ढाका में प्रवास किया है, तब वहां खालिदा जिया का शासन थाl उन्होंने अपने अनुभव खासकर वहां की बांग्लाभाषी पब्लिक के रहन सहन को 'तहलका संवाद एवं उसके डिजिटल नेटवर्क (टीएनएन) से हुई खास बातचीत में शेयर कियाl 

स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि बांग्लादेश की जनता की भावना 'बंगबंधु' की थीम पर बनी अपनी राष्ट्रीय संस्कृति पर चलती हैl यहां हिंदू- मुस्लिम जैसी जेहादी भाषा अथवा सोच के लिए कोई स्थान नहीं रहा है l शेख हसीना ने बांग्लादेश के संस्थापक अपने पिता शेख मुजीबुरहमान की सोच को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रवाद को परवान पर ही नहीं किये रखा बल्कि देश की अर्थ व्यवस्था को तेज गति प्रदान कीl उनके तख्ता पलट के बाद अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बने मो. युनुस अमेरिका की गोद में बैठकर चीन के साथ कैरम खेलते हुए पैसा कमाने में लग गयाl शेख हसीना की पार्टी 'आवामी लीग' को अवैध घोषित कर दियाl जब चुनाव कराने का दबाव बढ़ा तो चिंतित हो गया, क्योंकि उसका खुद का चुना जाना लगभग असम्भव हैl जब पब्लिक का विरोध बढ़ा तो वहां की आर्मी सक्रिय हुईl पब्लिक मो. युनुस को विदेश भागने नहीं देना चाहती है, ऐसे में उसकी गिरफ्तारी तय हैl यही जानकर वह अपने इस्तीफे का जिक्र करके पब्लिक को इमोशनल गेम  में फंसाना चाहता है, ताकि वह सत्ता में बना रहेl बांग्लादेश के संविधान में है कि सरकार के गिरने के बाद छह महीने में चुनाव होना चाहिए, लेकिन इसने नाम तक नही लिया, जबकि तमाम पार्टियों का दबाव है कि इसी दिसंबर तक चुनाव कराया जाए l अब फ़िर बांग्लादेश अगस्त महीने तक तख्ता पलट के मुहाने पर खड़ा नज़र आ रहा हैl

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