खोटे सिक्के: कड़क दाम फ़िर भी जीएसटी व मेकिंग चार्ज में भारी छूट से हैरत
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-सबसे बड़ा झोल चांदी के बर्तन में चांदी छोड़ बाकी धातु का है कमाल, हो भी क्यों नहीं, जो चांदी 97 हजार प्रति किलो के पार है, मेकिंग चार्ज और जीएसटी में छूट के बाद तो गोल्ड माफ़िया की ही बिक जाएंगी दुकानेंl
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-कैलाश सिंह-
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लखनऊ/जौनपुर, (तहलका विशेष)l खोटे सिक्के के स्लोगन वाली रिपोर्ट जौनपुर की बानगी है प्रदेश भर के लिए l दोनों कीमती धातुओं के मूल्य निरंतर ऊंचाई नाप रहे हैं l बावजूद इसके जौनपुर में ऑफर पे ऑफर और छूट के साथ गिफ्ट हैम्पर की भरमार चल रही है l होर्डिंग - बैनर के साथ मोबाइल वाहन और समाचार पत्रों में लाखों के विज्ञापन के साथ घर- घर पैंफ्लेट्स भी पहुंचाए जा रहे हैं, इसका सीधा मतलब तय है कि आमजन यदि ब्रांडेड शो -रूम की बजाय इनकी दुकानों की सीढ़ी चढ़ा तो नकली सिक्के और नकली चांदी के बर्तन की चोट जरूर खायेगा l
दरअसल सोचने वाली बात ये है कि ये दुकानदार जीएसटी में 50 फीसदी छूट कैसे दे सकते हैं? जब आटा, चावल, दाल समेत तमाम खाद्य पदार्थों पर जीएसटी देनी पड़ती है तो कीमती धातुओं पर कैसे राहत होगीl जनपद के कथित बड़े दुकानदारों की देखादेखी मध्यम और छोटे सर्राफा भी उसी राह पर दौड़ रहे हैं l जबकि केन्द्र व प्रदेश सरकार हर समान की पक्की रसीद लेने वालों को बेहतर नागरिक की श्रेणी के तहत सम्मानित करने योजना में लगी हैं l साफ़ जाहिर है कि दुकानदार 'कच्ची- पक्की' रसीद के बीच बड़ा खेल करते हैंl इसमें 'चाहे - अनाचाहे' सरकारी महकमें के लोग भी शामिल हो जाते हैं l
अब सोने - चांदी के सिक्कों में 10 फीसदी असली और बाकी नकली धातु होती है लेकिन चांदी के बर्तनों में 'चांदी' छोड़कर सभी धातु होती है यानी चांदी ' पर जीरो परसेंट' का बड़ा खेल दिवाली के सीजन में अंतर प्रांतीय स्तर पर चल रहा है l सर्राफा मण्डी के कारोबार के जानकार बताते हैं कि चांदी के बर्तन का यह खेल पायल व अन्य ज्वेलरी में भी धड़ल्ले से हो रहा है l यह चांदी जैसा दिखने वाले मेटल का कमाल है l
सर्राफा मण्डी के सूत्र बताते हैं कि सोने के जेवर में प्रति ग्राम मार्जिन 200 रुपये औसतन होती है लेकिन जौनपुर के 90 फीसदी ज्वेलर्स गिफ्ट कूपन पर उससे 50 गुना अधिक बांट रहे हैंl यहाँ की मण्डी के गोल्ड माफ़िया बग़ैर हालमार्क में पंजीकृत हुए अपने हालमार्क लगाकर आभूषण बेच रहे हैं l यह 'जैसा ग्राहक- वैसा पैकेट' से जेवर दिखाते हैं l यहीं बिना जीएसटी के 95 फीसदी लेनदेन वर्षों से किया जा रहा है, दिवाली में तो बचा पांच फीसदी का भी काम तमाम हो रहा हैl,,,,,,,,,,, क्रमशः







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