खोटे सिक्के: लक्ष्मी- गणेश के चित्र वाले सिक्कों के लिए आर्डर पहुंचा मुंबई
----------------------------------------
-धनतेरस के मौके पर धार्मिक भावना के खेल में 70 से 90 फीसदी फायदा उठाने को जौनपुर के गोल्ड माफ़िया हजारों सिक्के ढालने का आर्डर मुंबई समेत महानगरों में अपने 'ठीहे' को भेज चुके, आपूर्ति जल्द होने की संभावना, पूजा की थाली और कटोरी- चम्मच भी दुधिया रोशनी में सोने, चांदी की तरह चमकेंगे l
----------------------------------------
-कैलाश सिंह-
----------------------------------------
लखनऊ/जौनपुर, (तहलका विशेष)l धनतेरस और दीपावली की तैयारी में आम जनमानस दशहरा के बाद घरों की साफ- सफाई शुरू कर देता है, वहीं उनकी जेब की सफाई करने के लिए सराफा बाज़ारों में धार्मिक भावना रूपी जाल बुना जाने लगा है l जौनपुर के गोल्ड माफ़िया की ये बानगी प्रदेश के हर जिला, शहर और कस्बों में मिलेगी l पिछले दो दशक से सोने, चांदी के सिक्के और पूजा की थाली के साथ कटोरी, चम्मच और पांच सौ रुपये की शक्ल वाले चांदी के नोट भी मां लक्ष्मी के पूजन का चलन बढ़ता जा रहा है l
दरअसल जौनपुर के चार बड़े गोल्ड माफ़िया खोटे सिक्कों को ढालने के साथ बिल्डर और होटल व्यवसाय के अलावा वाहनों की एजेंसी में अपना वर्चस्व बढ़ाते जा रहे हैं l इतना ही नहीं, मिट्टी से पैसा कमाने के लिए ये विवाह मंडप भी सजाने लगे हैं l अधिकारियों व सफ़ेदपोशों के काले धन को ये सफेद तो करते ही हैं, साथ में इनकी बाज़ नज़र उन जमीनों पर भी रहती है जो नहीं देते हैं, लेकिन उनके मालिक की माली हालत खस्ता होने तक वे इंतजार करते हैं l इसके बाद अफसरों को मिलाकर उसे जमीन बेचने को विवश करते हैंl इस तरह ये भू- माफ़िया का तमगा भी हासिल करते जा रहे हैं l
शहर के गोमती किनारे सद्भावना पुल के दक्षिणी छोर और रोडवेज- कचहरी मार्ग की अधिकतर जमीनें इनकी हो चुकी हैं l ये भवन इसलिए नहीं बनवा रहे क्योंकि ऐसा होते ही उन जमीनों के दाम परवाज़ करने लगेंगे जिनपर इनकी नज़र गड़ी है और वह इनके हत्थे नहीं चढ़ी है l इनके बहुधंधों में वही अधिकारी और सफेदपोश सहयोग भी करते हैं जिनसे इनकी जुगलबन्दी होती है l
जेवर के खेल में 'कैरेट' का बड़ा झोल से होता है l
तीन साल पूर्व 2021 में दो पीसीएस अफसरों में एक महिला अधिकारी ने जब दूसरी दुकान पर सोने के जेवर की टंच वाली जांच कराई तो वह 22 कैरेट के स्थान पर 14 और 18 कैरेट का निकलाl मामला सबसे बड़े अफसर के पास पहुंचा तो गोल्ड माफ़िया की घिग्घी बंध गई, इसी 'तापमान' पर उस अफसर ने हैमर करके इतनी वसूली कर ली कि उनकी बेटी की वाराणसी में होने वाली लाखों की शादी करोड़ों खर्च का आंकड़ा छू गईl इसमें काफी भुगतान गोल्ड माफ़िया को करना पड़ा l इनके झोल, झपाटों के तमाम सुबूत लोगों के पास मौजूद हैं लेकिन वह अधिकारियों तक पहुंचकर दम तोड़ देते हैं l
यहाँ के चार प्रमुख गोल्ड माफ़िया के बड़े कारनामे जैसे- कैरेट, यू आई डी कोड, जीएसटी में घपलों का भंडाफोड़ हमारी रिपोर्ट में होते रहेंगे, बस धन तेरस, दीपावली पर सिक्के खरीदने वाले लोग दूसरी छोटी दुकानों पर इसकी जाँच करा लें कि जितने रुपये खर्च किए उतनी कीमत का सोना- चांदी है अथवा नहीं l दक्षिण भारत की एक फिल्म में दी गई मिसाल- ' जिसका प्रोडक्ट वीक, उसका प्रचार पीक' होता हैl बाकी अगली कड़ी में,,,,,, क्रमशः







No comments: