दावा स्वयंभू विकास पुरुष का और जुबान 'सड़क छापिया'
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-नमामि गंगे योजना के चलते जौनपुर फिर सुर्खियों में आया, भाजपा सदस्यता अभियान में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के मन्त्री करने लगे अधूरे विकास में अपना बखान, सवाल नश्तर की तरह चुभा तो बौखलाए नेता ने कहा देख लेंगे l
-उत्तर प्रदेश के खेलमन्त्री गिरीश यादव ने खोया आपा, पत्रकार के विकास सम्बन्धी सवाल पर दे डाली दो मिनट में ठीक करने की धमकी, कैडरबेस पार्टी भाजपा की उड़ी धज्जी, पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन की आँच प्रदेश की राजधानी का रुख कर गई l
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-कैलाश सिंह-
राजनीतिक संपादक
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जौनपुर/लखनऊ, (तहलका विशेष)l बुधवार चार सितम्बर को प्रदेश के खेल मन्त्री गिरीश चन्द्र यादव के व्यावहारिक आचरण ने उनके असली चेहरे को जहाँ बेनकाब किया वहीं कैडर बेस पार्टी भाजपा के मानक की भी धज्जी उड़ा दीl आमन्त्रित मीडिया के सवालों का धैर्य पूर्वक जवाब देने या टालने की बजाय मन्त्री का यह व्यवहार उन्हें अपरिपक्व राजनेता की श्रेणी में खड़ा कर दिया l इस तरह की घटना विरले ही सुनने- देखने को मिलती है l इस मुद्दे पर शुरू हुए पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन की आँच पार्टी अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री की तरफ़ भी लपकने लगी है l
दरअसल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए सवाल की नींव 2019 में ही तब पड़ गई थी जब जौनपुर में विकास योजनाओं के तहत नमामि गंगे योजना पर कार्य शुरू हुआ था l उसी दौरान अफ़वाह उड़ी कि इस योजना में शामिल एजेंसी से प्रदेश के एक मन्त्री ने सौ करोड़ कमीशन ले लिया है l योजना पर काम शुरू हुआ तब तक स्वीकृत लागत की आधी रकम का बन्टाधार हो गया क्योंकि इसमें से नौकरशाही को भी कमीशन देने की अफ़वाह को पंख लग चुके थे l आज भी अधूरी यह योजना लड़खड़ाने लगी, सीवर लाइन की कालोनियों में बिछने वाली पाइप की साइज घटकर आठ इंच हो चुकी थी l तमाम मोहल्लों के रास्ते दलदल अथवा धूल के गुबार में तब्दील हो चुके थेl
जौनपुर शहर के लिंक रोड व मुख्य सड़कें भी प्रभावित होने लगीं तब पूर्व सांसद धनंज्य सिंह ने लोगों से मिली शिकायत पर एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर से सवाल किया था कि सड़कें उधेड़ने के बाद काम पूरा होते ही क्यों उसे नहीं बनाया जा रहा है? तब उसका जवाब था कि 'मन्त्री जी' की देखरेख में बजट मिलते ही बनाया जाएगा l यही सवाल पूर्व सांसद को जेल तक पहुंचा दिया और सजा के बाद उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने से भी वंचित कर दिया l
नमामि गंगे का प्रोजेक्ट आज भी अधूरा है और शीतला चौकिया धाम के सुंदरीकरण के लिए दूसरी बार छ करोड़ से अधिक रकम पास होने पर मीडिया के कान इसलिए खड़े हो गए क्योंकि इससे पूर्व जारी रकम पूरी तरह हजम नहीं हुई थी l चार सितम्बर को एक होटल में भाजपा ने पार्टी के महा सदस्यता अभियान के बारे में जानकारी देने को प्रेस कॉन्फ्रेंस यह मानकर बुलाई कि हमारी बातें मीडिया के लोग श्री सत्यनारायण की कथा सरीखे सुनेंगे और प्रसाद लेकर चलते बनेंगे l लेकिन ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि खेल मन्त्री गिरीश यादव, सरकार की अधूरी जानकारी वाली विकास योजनाओं के बहाने खुद को विकास पुरुष घोषित करते हुए बखान करने लगे l मीडिया से होने वाली वार्ता मुद्दे से भटकी तो आज़ तक के रिपोर्टर राजकुमार सिंह ने नमामि गंगे और पर्यटन विभाग के जरिए शीतला चौकिया धाम के विकास को लेकर सवाल कर दिया जो मन्त्री श्री यादव के जिगर को चाक कर गया, हालांकि भाजपा जिला अध्यक्ष ने मन्त्री को सदस्यता अभियान की बात करने की सलाह दी लेकिन मन्त्री के लिए वह सवाल चोर की दाढ़ी में तिनके सरीखा कलेजे में घुस चुका था, इसलिए वह बार- बार विकास का मुद्दा उछालते हुए बौखलाकर पत्रकार को दो कौड़ी का बोलकर उन्हें देख लेने और दो मिनट में ठीक करने की धमकी दे डाले............ क्रमश:







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